हाल ही में स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा और ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के संस्थापक भाविश अग्रवाल के बीच सोशल मीडिया पर हुई बहस ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि शब्दों की ताकत कितनी भयानक हो सकती है। इस जुबानी जंग का नतीजा ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों पर पड़ा है, जिससे स्पष्ट होता है कि कॉर्पोरेट जगत में छवियों और सार्वजनिक धारणा का कितना महत्व है।

कामरा का ट्वीट और भाविश का जवाब
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कामरा ने ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर की सेवा गुणवत्ता पर टिप्पणी की। उनके ट्वीट में कंपनी की कस्टमर सर्विस के प्रति ग्राहकों की निराशा को दर्शाया गया था। कामरा ने ओला की खराब सेवा को लेकर जो चुटकी ली, उसके जवाब में भाविश अग्रवाल ने तीखा पलटवार किया। यह सार्वजनिक बहस तेजी से वायरल हो गई और इसके बाद भाविश ने खुद को ट्विटर पर ट्रोल होते हुए पाया।
शेयर बाजार पर असर
सोशल मीडिया पर चली इस बहस का असर ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों पर साफ देखने को मिला। सोमवार को ओला के शेयरों में 10 प्रतिशत तक की गिरावट आई और अंत में यह 8 प्रतिशत गिरकर 90.82 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। इससे पहले के दो दिनों में भी ओला के शेयरों में गिरावट देखी गई थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि निवेशकों के मन में कंपनी के प्रति नकारात्मक धारणा बन रही है।
बीएसई पर ओला इलेक्ट्रिक का प्रदर्शन:
- शेयर मूल्य: 90.82 रुपये (8.31% की गिरावट)
- दिन का न्यूनतम मूल्य: 89.71 रुपये (9.43% की गिरावट)
इसके अतिरिक्त, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भी ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 8.38 प्रतिशत गिरकर 90.75 रुपये पर बंद हुआ। अगस्त में ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 76 रुपये के निर्गम मूल्य पर सूचीबद्ध हुआ था, और तब से अब तक इसमें 43 प्रतिशत की गिरावट आई है।
बाजार पूंजीकरण में कमी
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में आई इस गिरावट ने कंपनी के बाजार पूंजीकरण को भी प्रभावित किया। सोमवार को ओला इलेक्ट्रिक का बाजार पूंजीकरण 5 बिलियन डॉलर (लगभग 41,000 करोड़ रुपये) के नीचे गिर गया, जो कि कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। एक महीने पहले जब ओला इलेक्ट्रिक के शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे, तब कंपनी का बाजार पूंजीकरण 7 अरब डॉलर (58,000 करोड़ रुपये) से अधिक था।

ग्राहकों की निराशा
ओला इलेक्ट्रिक स्कूटरों की खराब कस्टमर सर्विस के चलते ग्राहक लगातार शिकायत कर रहे हैं। इससे ओला इलेक्ट्रिक की छवि को बड़ा धक्का लगा है। ग्राहक अब खुले तौर पर इस मुद्दे पर अपनी बातें कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा जारी है।
कुणाल कामरा के ट्वीट ने इस मुद्दे को और भी अधिक उछाला, जिससे भाविश अग्रवाल को तगड़ा जवाब देने की जरूरत महसूस हुई। उनके जवाब से न केवल ग्राहक नाराज हुए, बल्कि आम जनता में भी इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई।
कॉमेडियन की भूमिका
इस घटना ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि कॉमेडियन और सोशल मीडिया का प्रभाव कितना शक्तिशाली हो सकता है। कामरा जैसे कलाकार अपने मजाक और चुटकुलों के जरिए गंभीर मुद्दों को उजागर करते हैं। हालांकि, इस बार उनका ट्वीट एक बिजनेस लीडर को प्रभावित करने में सफल रहा, जिससे भाविश को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

निवेशकों का मनोबल
इस बहस का एक और पहलू यह है कि इससे निवेशकों के मनोबल पर भी असर पड़ा है। जब एक कंपनी की छवि पर सवाल उठते हैं, तो इसका सीधा प्रभाव उसके शेयरों और बाजार पूंजीकरण पर पड़ता है। ऐसे में, निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है और उन्हें कंपनी की स्थिति और उसके मार्केट ट्रेंड का ध्यान रखना चाहिए।
भविष्य की संभावनाएं
ओला इलेक्ट्रिक को इस स्थिति से उबरने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। कंपनी को चाहिए कि वह अपने ग्राहक सेवा में सुधार करे और ग्राहकों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रदान करे। साथ ही, ओला को अपने ब्रांड की छवि को मजबूत करने के लिए एक रणनीति बनानी होगी, जिससे भविष्य में ऐसे नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सके।
इस जुबानी जंग ने दिखाया है कि शब्दों का प्रभाव कितना गहरा हो सकता है। एक कॉमेडियन की चुटकी और एक बिजनेस लीडर का जवाब न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को प्रभावित करता है, बल्कि इसके व्यापक आर्थिक परिणाम भी होते हैं। ओला इलेक्ट्रिक को इस स्थिति से सीख लेते हुए अपने ग्राहकों के प्रति सजग रहना होगा और सेवा में सुधार लाना होगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाविश अग्रवाल और उनकी कंपनी इस संकट से उबर पाएंगे या नहीं।
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड निवेश सलाहकार से सलाह जरूर लें।)


