चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में हिंदी-अंग्रेज़ी अनुवाद प्रतियोगिता का किया आयोजन

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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने कहा कि एक से अधिक भाषाओं का ज्ञान अपने आपमें एक उपलब्धि है और एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद करने में सक्षम होना एक बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय के छात्र निदेशालय के अंतर्गत यंग जर्नलिज्म सेल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हिंदी-अंग्रेज़ी अनुवाद प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए उन्होंने कहा वास्तव में विभिन्न सभ्यताओं, भाषाओं, देशों और महाद्वीपों के बीच अनुवाद के माध्यम से ही संवाद संभव हो सकता है। इसलिए अनुवाद महज एक भाषाई गतिविधि न रहकर सांस्कृतिक तथा राष्ट्रीय महत्व का कार्य बन गया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देशों के बीच राजनैतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बढ़ते हुए आदान-प्रदान की अनिवार्यता से भी अनुवाद एवं अनुवाद कार्य का महत्व बढ़ गया है।

छात्र कल्याण निदेशक डॉ. अतुल ढींगड़ा ने कहा कि विश्व स्तर पर अपनी बात रखना केवल अनुवाद के माध्यम से संभव हो सकता है। हर देश को एक वैश्विक मंच देने वाला संगठन संयुक्त राष्ट्र के निर्माण में भी अनुवादकों की अह्म भूमिका रही है। सह छात्र कल्याण निदेशक डॉ. संजय और डॉ. मंजू महता ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें सभी गतिविधियों में बढ़ चढक़र भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

इन विद्यार्थियों ने जीते पुरस्कार
प्रतियोगिता में खुशबु ने प्रथम, गौरव ने द्वितीय तथा मोहित सैनी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के अन्य प्रतिभागियों को भी सर्टिफिकेट व पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में कुल 63 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में बतौर निर्णायक डॉ. अपर्णा व डॉ. कृष्णा हुड्डा उपस्थित रहे। यंग जर्नलिज्म सेल के नोडल अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

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