प्रदेश में सीवरेज व्यवस्था में सुधार के लिए 20 नई सुपर सकर मशीनें खरीदी जाएंगी
हिसार, 7 दिसंबर।
लोकनिर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा है कि प्रदेश में सीवरेज व्यवस्था के सुधार के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में कई नई अत्याधुनिक मशीनें भी शामिल की जा रही है। रविवार को हिसार व आदमपुर शहर के लिए सकर/जेटिंग मशीन का लोकार्पण करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी। इन जेटिंग मशीन से तंग गलियों में भी सीवरेज सफाई की जा सकेगी। लगभग 42 लाख रुपए की लागत की इस हाई प्रेशर जेटिंग-कम-सक्शन (वैक्यूम) टाइप हाइड्रॉलिकली ऑपरेटेड सीवर क्लीनिंग मशीन की क्षमता 10,000 लीटर है।
यह उन्नत मशीन शहर की 200 मिमी से 400 मिमी के व्यास की सीवर लाइन के लिए डिजाइन की गई है। इसकी दोहरी क्षमता हाई प्रेशर जेटिंग और शक्तिशाली सक्शन यह सुनिश्चित करती है कि सीवर लाइन में जमा गंदगी, कीचड़ और अन्य अवरोध पूरी तरह से हट जाएँ, विशेषकर उन क्षेत्रों में भी जहाँ मशीनों की पहुँच कठिन होती है।

इस मशीन के आने से अवरुद्ध सीवर की समस्या कम होगी, जलभराव रोका जाएगा और घरों और गलियों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम घटेंगे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग द्वारा शहर के लिए 255 लाख रुपए की लागत की एक सुपर सकर मशीन और लगभग 20 लाख रुपए की लागत की एक और जेटिंग मशीन की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है,
इन नई मशीनों के आने से हिसार की सफाई और स्वच्छता में और सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश में 6 सुपर सकर मशीन थी, अब 2 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत वाली 20 नई मशीनें और खरीदी जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि हर ज़िले में सुपर सकर मशीन उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता वाली हाई पावर्ड परचेज कमेटी में यह निर्णय लिया गया था। उन्होंने बताया कि अमरूत-2 योजना के तहत 2100 करोड़ रुपए की राशि से प्रदेश में काम चल रहे हैं। सभी कार्य पूर्ण होने के बाद सीवरेज व्यवस्था को लेकर दिक्कतें नहीं रहेगी। इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन सतबीर वर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


