केंद्रीय कमेटी के आदेशानुसार ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में द्वितीय चरण का जोरदार विरोध प्रदर्शन हांसी यूनिट द्वारा कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) कार्यालय, हांसी के समक्ष आयोजित किया गया।
इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता हांसी यूनिट के वरिष्ठ उप-प्रधान शमशेर सिंह ने की, जबकि मंच संचालन का दायित्व हांसी यूनिट के प्रधान विकास नेहरा एवं सचिव शिवेंद्र सैनी द्वारा सफलतापूर्वक निभाया गया। इस अवसर पर राज्य वित सचिव अनिल पहल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
यूनिट प्रधान विकास नेहरा के नेतृत्व में यूनियन के इस द्वितीय चरण के आंदोलन के दौरान सुरेन्द्र मेहरा, कार्यकारी अभियंता (ऑपरेशन), डी.एच.बी.वी.एन., हांसी को ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में ज्ञापन एवं मांग-पत्र सौंपा गया।
प्रदर्शन में हांसी यूनिट के अंतर्गत आने वाली सभी सब-यूनिटों के प्रधान/सचिव एवं बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा सरकार व निगम प्रबंधन द्वारा लागू की जा रही जनविरोधी, अव्यावहारिक एवं कर्मचारी-विरोधी ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभा को संबोधित करते हुए राज्य वित सचिव अनिल पहल ने सरकार एवं निगम प्रबंधन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि तकनीकी कर्मचारियों पर जबरन थोपी जा रही ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी अत्यंत खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकती है। बिना क्षेत्रीय जानकारी, स्थानीय परिस्थितियों की समझ और पर्याप्त अनुभव के नई जगहों पर नई लाइनों पर कार्य करवाना सीधे तौर पर कर्मचारियों को मौत के मुंह में धकेलने जैसा है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाएगी और कर्मचारियों की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न होगा।
हांसी यूनिट के प्रधान श्री विकास नेहरा ने स्पष्ट घोषणा करते हुए कहा कि यदि सरकार एवं निगम प्रबंधन ने जल्द ही इस नीति को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक रूप दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दिनांक 23.01.2025 को ऑपरेशन सर्कल, हिसार में बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें समस्त सर्कल से कर्मचारी भाग लेंगे। इस दौरान एस.ई. (ऑपरेशन), हिसार को ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ विरोध ज्ञापन सौंपा जाएगा।
विकास नेहरा ने यह भी कहा कि इस ज्ञापन की प्रतिलिपि अतिरिक्त मुख्य सचिव (ए.सी.एस.), पावर, हरियाणा, निगम प्रबंधन एवं संबंधित उच्च अधिकारियों को भी भेजी जाएगी, ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों को सरकार के उच्च स्तर तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह लड़ाई केवल ट्रांसफर पॉलिसी की नहीं, बल्कि तकनीकी कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और जीवन की लड़ाई है। यदि इसके बावजूद भी सरकार ने इस नीति को वापस नहीं लिया, तो यूनियन कार्य बहिष्कार, प्रदेशव्यापी आंदोलन एवं हड़ताल जैसे कठोर निर्णय लेने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार एवं निगम प्रबंधन की होगी।
इस अवसर पर यूनिट कैशियर विकास मुंढाल, रमेश कुमार, नरेश बत्रा, अविनाश, जोगिंदर (उप-प्रधान), राजेन्द्र कथूरिया, मदन लाल, सुरेन्द्र (उमरा), मोनू मलिक, सत्यवान शर्मा (सब-यूनिट सचिव, नारनौंद), सुरेश बिसला, नवीन, सतीश लोहान, संजय शर्मा, शेर सिंह, जे.ई. कर्मवीर पहल, नितिन शर्मा,सुभाष फोरमैन, राजेंद्र फोरमैन, प्रेम फोरमैन, सतबीर फोरमैन, जसवंत फोरमैन, विकास अरोड़ा, गौरव कथूरिया, सागर कुमार, राकेश कुमार, परवीन कुमार, महावीर, मदलेश, गुलशन, सुरेश, रिंकू, सचिन यादव, अमित पेटवार, अनिल कुमार, प्रदीप शर्मा, अमित कुमार, मदन लाल, अजय शर्मा, अनूप शर्मा, विष्णु, श्री भगवान, सतीश पहल, दीपक, रीना यादव, रितु, अंजू, शमशेर बेरवाल, कमल, भूपेन्द्र, भजन नागपाल (मोनू), मनोज शर्मा, तिलक पहावा, बिजेंद्र, पुनीत, साहिल, कदम सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।


