एमएसएमईMSME वित्तपोषण के लिए राष्ट्रीय मिशन कार्यशाला आयोजित

0

मेक इन इंडिया अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों के समर्थन को अर्थव्यवस्था की स्थिरता व आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक बताया।

WhatsApp Image 2025 08 28 at 16.41.20 1

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा हिसार में वीरवार को राष्ट्रीय मिशन 3.0 कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में हिसार, फतेहाबाद, जींद, कैथल, सिरसा और भिवानी जिलों की विभिन्न शाखाओं एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) हबों से लगभग 80 बैंक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्घाटन आरबीआई चंडीगढ़ के क्षेत्रीय निदेशक विवेक श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और रोजगार सृजन में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नीतियों के बावजूद इस क्षेत्र में क्रेडिट अंतराल एक गंभीर चुनौती है। क्षेत्रीय निदेशक विवेक श्रीवास्तव ने बैंकों को उद्यमियों के प्रति अधिक संवेदनशील व सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। साथ ही, मेक इन इंडिया अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों के समर्थन को अर्थव्यवस्था की स्थिरता व आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक बताया।
आरबीआई महाप्रबंधक पंकज सेतिया ने कार्यशाला को प्रतिभागियों के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं, नीतिगत दिशा-निर्देशों और एमएसएमई वित्तपोषण के नवीन दृष्टिकोणों को समझने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि शाखा स्तर पर क्षमता निर्माण से छोटे व्यवसायों की आकांक्षाओं को पूरा करने और विकास को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

उद्घाटन समारोह में एसबीआई, पीएनबी, यूबीआई और एचडीएफसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। इंटरएक्टिव सत्रों का संचालन आरबीआई के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक, एसआईडीबीआई, एमएसएमई, डीएफओ, इनवॉइसमार्ट, ट्रांसयूनियन सिबिल के विशेषज्ञों तथा बैंकिंग फैकल्टी द्वारा किया जा रहा है। आरबीआई के प्रयासों को प्रतिभागियों ने सराहा और कहा कि कार्यक्रम से मिली अंतर्दृष्टियाँ शाखा स्तर पर एमएसएमई वित्तपोषण को और मजबूत करेंगी।

WhatsApp Image 2025 08 28 at 16.41.20

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here