अमिताभ बच्चन और शशि कपूर: सदी के महानायक को स्टार बनाने वाले को-स्टार की कहानी

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बॉलीवुड के शहंशाह, अमिताभ बच्चन, को कौन नहीं जानता? एक ऐसा नाम जिसने न केवल भारतीय सिनेमा को एक नया आयाम दिया, बल्कि करोड़ों लोगों के दिलों पर भी अपनी छाप छोड़ी। लेकिन महानायक बनने का यह सफर आसान नहीं था। संघर्ष और निराशा से भरा यह सफर उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा। अमिताभ की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब उनके करियर को शशि कपूर ने सही दिशा दी। इस पोस्ट में, हम बात करेंगे कि कैसे शशि कपूर के साथ के कारण अमिताभ बच्चन ने इंडस्ट्री में खुद को स्थापित किया और कैसे यह दोस्ती उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी।

अमिताभ बच्चन का शुरुआती संघर्ष

अमिताभ बच्चन ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत 1969 में फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ से की थी। हालांकि यह फिल्म उन्हें रातोंरात स्टार नहीं बना सकी, लेकिन इसमें उनकी अभिनय की प्रतिभा साफ तौर पर दिखी। इस फिल्म के बाद भी अमिताभ का संघर्ष जारी रहा। उनकी ऊंचाई और उनकी गंभीर आवाज के कारण उन्हें लगातार फिल्म इंडस्ट्री में रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। कई निर्माताओं ने उनकी लंबाई और आवाज को लेकर उनकी आलोचना की और उन्हें बड़े रोल्स देने से कतराया।

अमिताभ बच्चन और शशि कपूर: सदी के महानायक को स्टार बनाने वाले को-स्टार की कहानी
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अमिताभ की पहचान एक ऐसे अभिनेता के रूप में बन चुकी थी, जो संघर्ष के लिए तैयार था। लेकिन जैसा कि किस्मत अक्सर प्रतिभा का इंतजार करती है, अमिताभ के करियर में भी वह समय आया, जब उनके हुनर को पहचाना गया और एक बड़े सितारे ने उनके करियर को एक नई दिशा दी।

शशि कपूर: वो को-स्टार जिन्होंने बिग बी को सही राह दिखाई

अमिताभ बच्चन के करियर को एक नई ऊंचाई देने में अहम भूमिका निभाने वाले शख्स थे शशि कपूर। शशि कपूर, जो उस दौर में एक सुपरस्टार थे, अमिताभ के करियर के शुरुआती दिनों में उनके को-स्टार बने। यह कहना गलत नहीं होगा कि शशि कपूर ने अमिताभ के करियर को सही दिशा दी और उन्हें सही समय पर सही सलाह दी।

शशि कपूर और अमिताभ ने कुल मिलाकर 13 फिल्मों में एक साथ काम किया, जिनमें ‘दीवार’, ‘सिलसिला’, ‘त्रिशूल’, ‘कभी कभी’, जैसी कई सफल फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों ने न केवल दोनों अभिनेताओं की जोड़ी को हिट बनाया, बल्कि अमिताभ बच्चन को एक नई पहचान भी दिलाई।

जब शशि कपूर ने अमिताभ बच्चन को फिल्म से निकलवा दिया

यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब शशि कपूर ने अमिताभ को एक फिल्म से निकलवा दिया था। हालांकि, इसके पीछे का कारण कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। दरअसल, शशि कपूर को यह महसूस हुआ कि उस फिल्म में अमिताभ के सीन उनकी प्रतिभा को सही तरीके से नहीं दिखा पा रहे थे। उन्होंने फिल्म के निर्देशक से कहा कि अमिताभ के कुछ सीन कटवा दिए जाएं। यह कदम शशि कपूर ने अमिताभ की भलाई के लिए ही उठाया था, क्योंकि वह जानते थे कि अमिताभ के पास बेहतर करने की क्षमता है।

इस घटना के बाद, अमिताभ के करियर को एक नया मोड़ मिला। शशि कपूर ने अमिताभ को यह सलाह दी थी कि वह छोटे-मोटे रोल्स और भीड़ के हिस्से के रूप में काम न करें। शशि ने अमिताभ को समझाया कि वह एक स्टार बनने के लिए मुंबई आए हैं, और उन्हें अपनी प्रतिभा का सही इस्तेमाल करना चाहिए। शशि कपूर की यह सलाह अमिताभ के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।

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अमिताभ और शशि कपूर की दोस्ती: इंडस्ट्री की एक अमूल्य धरोहर

शशि कपूर और अमिताभ बच्चन की दोस्ती न केवल पर्दे पर दिखाई देती थी, बल्कि असल जिंदगी में भी दोनों के बीच गहरी बॉन्डिंग थी। दोनों के बीच काम का एक अनूठा तालमेल था, जो उनकी फिल्मों में साफ झलकता था। शशि कपूर, जो खुद एक मशहूर अभिनेता थे, ने कभी अमिताभ को अपने से कम नहीं आंका। बल्कि, उन्होंने हमेशा अमिताभ की प्रतिभा को सराहा और उनके करियर को बेहतर बनाने में मदद की।

दोनों ने साथ में ‘दीवार’ जैसी फिल्म में काम किया, जो बॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में से एक मानी जाती है। इस फिल्म में अमिताभ के एंग्री यंग मैन के किरदार ने उन्हें एक नई पहचान दी, जबकि शशि कपूर का किरदार उनके संतुलन का प्रतीक था। फिल्म के एक प्रसिद्ध संवाद, “मेरे पास मां है”, को आज भी याद किया जाता है और इसे भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार संवादों में से एक माना जाता है।

शशि कपूर की सलाह का असर: एक सुपरस्टार का उदय

अमिताभ बच्चन ने शशि कपूर की सलाह को गंभीरता से लिया और छोटे-मोटे रोल्स छोड़कर बड़े किरदारों पर ध्यान केंद्रित किया। इसके बाद, उन्होंने जो फिल्मों में काम किया, वे न केवल बॉक्स ऑफिस पर हिट रहीं, बल्कि उन्हें बॉलीवुड का शहंशाह भी बना दिया।

अमिताभ बच्चन ने ‘जंजीर’ (1973) में एंग्री यंग मैन की भूमिका निभाई, जो उनकी अब तक की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। इस फिल्म ने न केवल उनके करियर को ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि बॉलीवुड में एक नया ट्रेंड भी शुरू किया। इसके बाद, अमिताभ ने ‘शोले’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘डॉन’, ‘कालिया’ जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया, जो उन्हें सदी का महानायक बना गईं।

अमिताभ बच्चन का आज का दौर: 82 की उम्र में भी सुपरस्टार

आज, अमिताभ बच्चन 82 साल के हो चुके हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता और काम के प्रति उनका जुनून जरा भी कम नहीं हुआ है। वह अभी भी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे व्यस्त और सबसे ज्यादा डिमांड में रहने वाले अभिनेता हैं। टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के होस्ट के रूप में भी उनकी जबरदस्त लोकप्रियता है, और वह नई पीढ़ी के अभिनेताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

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निष्कर्ष: दोस्ती, संघर्ष और सफलता की कहानी

अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की कहानी न सिर्फ दो सितारों की कहानी है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा की एक अमूल्य धरोहर है। यह उन संघर्षों, उतार-चढ़ावों और सफलताओं की कहानी है, जो किसी भी अभिनेता के जीवन का हिस्सा होती है। शशि कपूर ने न सिर्फ अमिताभ के करियर को दिशा दी, बल्कि उन्होंने यह भी साबित किया कि सच्ची दोस्ती और सही सलाह किसी के भी जीवन को बदल सकती है।

आज, अमिताभ बच्चन जिस मुकाम पर हैं, उसमें शशि कपूर का योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि सही समय पर सही लोगों का साथ और सही दिशा दिखाने वाली सलाह किसी को भी स्टार बना सकती है।

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