टेक्नोलॉजी

हरियाणा की ग्रोथ स्टोरी और निर्यात क्षमता को बढ़ावा देने के विषय पर बिजनेस समिट, 7 देशों में नियुक्त भारतीय राजदूतों ने लिया हिस्सा

गुरूग्राम:

हरियाणा की उन्नति की कहानी और निर्यात क्षमता को बढ़ावा देने के विषय पर गुरूग्राम में बिजनेस समिट आयोजित की गई जिसमें 7 देशों में नियुक्त भारतीय राजदूतों ने भाग लिया। समिट में भारतीय राजदूतों ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ निर्यात को बढ़ावा देने के विषय पर विचार विमर्श किया और उनके समक्ष आ रही चुनौतियों को समझा। इसके साथ प्रतिनिधिमंडल ने उद्यमियों को विश्वास दिलाया कि वे अपने नियुक्ति वाले देशों में भारत विशेषकर हरियाणा से निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में पहल करेंगे और समय समय पर उन्हें निवेश बढ़ाने के उपायों के बारे में अवगत करवाते रहेंगे।

प्रतिनिधिमंडल में आए चीन में नियुक्त भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज विश्वभर में माहौल भारत के पक्ष में हैं और ऐसे में हमें देखना है कि हम किस प्रकार से उसका फायदा उठा सकते हैं। विश्वभर में यह धारणा बन गई है कि भारत बिजनेस के लिए सुविधाजनक जगह है । यही कारण है कि एप्पल जैसी कंपनी ने आईफोन -14 का निर्माण भारत में करना शुरू किया और अब उम्मीद है कि एप्पल की एसेसरी बनाने वाली ईकाइयां भी भारत में आएंगी। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे उद्योगों को चिन्हित करना चाहिए जिन पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त कंपनियां भरोसा कर सकें। इलैक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट और टैक्सटाइल के क्षेत्र में यहां निवेश की अपार संभावनाओं के साथ इन उत्पादों के निर्यात का भी काफी स्कोप है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा के नूंह और गुरूग्राम के दौरे से यहां के औद्योगिक परिवेश का पता चला है और यह जाना है कि हमें क्या और करने की जरूरत है।

डेनमार्क में तैनात भारतीय राजदूत सुश्री पूजा कपूर ने कहा कि हरियाणा की प्रैजेंटेशन देखने के बाद उन्हें ऐसा लगा है कि डेनमार्क की कंपनियों को बैंगलुरू की बजाय गुरूग्राम की ओर रूख करना चाहिए। उन्होंने बताया कि डेनमार्क की कंपनियां भारत में भारी निवेश कर रही हैं। उन्होंने ये भी बताया कि टैक्सटाइल , मैडिकल उपकरण, ऑर्गेनिक मिलट्स डेनमार्क आयात करता है, इसलिए इन क्षेत्रों में यहां से निर्यात की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। इटली में तैनात भारतीय राजदूत डा. नीना मल्हौत्रा ने इटली के परिपेक्ष में अपने विचार रखते हुए कहा कि बहुत सारी महत्वपूर्ण सूचनाएं केन्द्र तथा राज्य सरकार की वैबसाईटों पर उपलब्ध हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि विदेशी निवेशक आमतौर पर नोडल अधिकारियों की तलाश में रहते हैं जोकि उनकी हैंडहोलडिंग करके यहां उद्योग स्थापित करने या सांझेदारी करने में मदद करें। ये निवेशक विश्वसनीय सांझेदार की तलाश में भी रहते हैं इसलिए राज्य सरकारों को चाहिए कि वे ऐसा प्लैटफार्म उपलब्ध करवाएं जहां पर क्रेडिबल पार्टनर्स अर्थात् विश्वसनीय भागीदारों की सूची उपलब्ध हो। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में टैक्नोलॉजी की मदद से आप किसी भी देश में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से इवेंट्स में भागीदारी कर सकते हैं और उद्यमियों को ज्यादा से ज्यादा इवेंट्स में भागीदारी करनी भी चाहिए।

इस समिट में प्रमुख उद्यमियों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विदेशो में निश्चित तौर पर भारत की साख सुधरी है, इसका लाभ हमें अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने भारतीय राजदूतों से आग्रह किया कि वे उन देशों , जहां वे नियुक्त हैं, वहां की जरूरतों के हिसाब से हमारे यहां के उत्पादों का परिचय वहां पर करवाएं और वहां की कंपनियों के साथ तालमेल करवाने में सहयोग करें। उद्यमियों ने अपने उत्पादों के बारे में जानकारी देते हुए यह भी बताया कि किन-2 देशों में वर्तमान में उनके उत्पादों का निर्यात हो रहा है। इन उद्यमियों में मुख्य रूप से जयराज गु्रप ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन राजीव चावला, वीवीडीएन टैक्नोलॉजिज के सीईओ पुनीत अग्रवाल , राज ओवरसिज के सीईओ श्रीमति शैलिन स्मिथ , आरटैक्स होम फैशन्स से विनीत शर्मा , सीओरा सर्जिकल्स के प्रबंध निदेशक अनुज दुरेजा, चौधरी एंटरप्राइजिज से राकेश छाबड़ा तथा इन्डोकैन हनी के संस्थापक और निदेशक अमित गुप्ता शामिल थे।

ससे पहले, हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनंद मोहन शरण ने समिट को संबोधित करते हुए बताया कि हरियाणा ‘आत्मनिर्भर भारत‘ का दिल है और वर्ष 2021-22 में हरियाणा से 28.9 बिलियन डॉलर का कुल निर्यात किया गया है। निर्यात किए गए टॉप उत्पादों में चावल, आईटी, हैंडलूम व हैन्डीक्राफट, ऑटोमोबाइल व कॉम्पोनेंट ,रेडिमेड गारमेंट्स , मेटलवेयर , मशीनरी व पार्ट्स तथा फार्मास्यूट्क्लि दवाएं शामिल हैं। उन्होंने प्रदेश की उद्यमी प्रोत्साहन नीति , ईज् ऑफ डूइंग बिजनेस , उद्योगों को सभी प्रकार की समयबद्ध तरीके से अनुमति व क्लीयरेंस देने के लिए लागू सिंगल विंडो सिस्टम आदि पर प्रकाश डाला। उन्होंने ये भी बताया कि प्रदेश के अलग-2 हिस्सों में औद्योगिकिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश को चार क्लस्टर- ए, बी ,सी, डी में विभाजित किया हुआ है और ए से लेकर डी तक प्रोत्साहन बढ़ते जाते हैं। गुरूग्राम तथा फरीदाबाद श्रेणी ‘ए‘ में आते हैं। समिट को गुरूग्राम के उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने भी संबोधित किया और हरियाणा तथा गुरूग्राम की अद्वितीय औद्योगिक पहलुओं को रेखांकित किया।

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