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वैश्य शिक्षण संस्थान में प्रशासक के कार्यकाल में लगाए गए 43 कर्मचारियों को हटाने का मामला गर्माया

• प्रधान बोले- बगैर मंजूरी लगाए गए 43 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया

• प्रशासक बोले गवर्निंग बॉडी के गलत फैसलों का संस्था पर पड़ेगा दुष्प्रभाव

• संस्था के 4 कॉलेजों में शीघ्र होंगे : चुनाव अधिकारी डॉ. एमएस श्योराण

रोहतक, 02 नवम्बर 2022

वैश्य शिक्षण संस्था एक बार फिर चर्चा में है। इस बार संस्थान में प्रशासक के कार्यकाल में लगाए गए 43 कर्मचारियों को हटाने का मामला गर्माया है। संस्था प्रधान ने वगैर मंजूरी नियुक्ति किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासक के पास नियमित नियुक्ति का अधिकार न होने का दावा किया है। इधर, प्रशासक ने आरोपों को गलत ठहराते हुए कहा कि गलत फैसले लिए जा रहे हैं। इनका संस्था पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।

संस्था का चुनावी विवाद का फिलहाल तीन साल के लिए हल हो गया है। अदालत व रजिस्ट्रार सोसाइटी कार्यालय मैं लंबी कवायद के बाद हुए चुनाव में नई कार्यकारिणी गठित हो गई है। इसके साथ ही गवर्निंग बॉडी ने नए प्रधान नवीन जैन के नेतृत्व में काम करना शुरू कर दिया है। इस टीम ने सरकार की ओर से नियुक्त किए गए प्रशासक की ओर से लगाए गए कर्मचारियों को हटाने का फैसला लिया है। इससे पूर्व नियुक्तियों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सभी को हटाया गया है

संस्था में नियुक्तियां नियमानुसार की गई है। प्रशासक के पास हर तरह के अधिकार हैं। संस्था में अवैध फैसले लिए जा रहे हैं। इनसे अदालती मुकदमेबाजी ही बढ़ेगी। इन फैसलों का संस्था पर में सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ेगा और फिर प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। जैसा कि डॉ. वीरेंद्र सिंह सिंधु, प्रशासक, वैश्य शिक्षण संस्था ने बताया।

संस्था के 4 कॉलेजों में शीघ्र होंगे चुनाव

संस्था की नई गवर्निंग बॉडी चुनने के लिए मतदान कराने वाले चुनाव अधिकारी डॉ. एमएस श्योराण ने कहा कि एमडीयू के नियमानुसार वैश्य संस्था की गवर्निंग बॉडी अमान्य है। विवि में कॉलेज की अपनी गवर्निंग बॉडी ही मान्य है। इसके लिए शीघ्र चुनाव कराया जाए। साथ ही प्रशासन डॉ. वीरेंद्र सिंधु को संस्था के चार महाविद्यालयों की गवर्निंग बॉडी चुनने की भी जिम्मेदारी स्पष्ट की है। ऐसे में चुनाव होने तक वे अभी प्रशासक रहेंगे। संस्था के एमडीयू से संबंद्ध चारों कॉलेजों में चुनाव के लिए दो से तीन दिन में शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। इसमें कॉलेजियम के हिस्सा ही भाग ले सकेंगे।

संस्था में प्रशासन ने बगैर किसी मंजूरी के नियुक्तियां की थी गवर्निंग बॉडी ने इन कर्मचारियों को हटाया है। सब नियमानुसार हुआ है। इसे कोई चुनौती नहीं दे सकता है। प्रशासन नियुक्ति नहीं कर सकता है। वह चाहे तो काम कराने के लिए एडहॉक पर अस्थायी कर्मचारी कुछ समय के लिए रख सकता है। जैसा कि नवीन जैन, प्रधान, वैश्य शिक्षण संस्था ने बताया।

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