मधुमक्खी पालन आमदनी प्राप्त करने का बढिय़ा स्त्रोत है: डॉ. मंडल

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मधुमक्खी पालन आमदनी प्राप्त करने का बढिय़ा स्त्रोत है: डॉ. मंडल

चौचसिं हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में मनाया गया विश्व मधुमक्खी दिवस
हिसार
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सायना नेहवाल कृषि प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण एवं शिक्षा संस्थान व कीट विज्ञान विभाग द्वारा विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया गया। विश्वविधालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज के मार्गदर्शन में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. बलवान सिंह मंडल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
डॉ. बलवान सिंह ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि मधुमक्खी पालन आमदनी प्राप्त करने का बढिय़ा स्त्रोत है। बेरोजगार युवा मधुमक्खी पालन को अपनाकर अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं और किसान इसको सहयोगी व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा मधुमक्खी पालन को कम पैसे से शुरू कर बड़े स्तर तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने मधुमक्खियों के परागकरण गुण का उल्लेख करते हुए कहा कि ये फसलों का पैदावार बढ़ाने में बहुत लाभकारी साबित होती हैं। उन्होनें मधुमक्खियों व दूसरे परागणकत्र्ताओं को कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए किसानों से आह्वान किया।
उपरोक्त संस्थान कें सह निदेशक (प्रशिक्षण) डॉ. अशोक कुमार गोदारा ने भी मधुमक्खियों की महता के बारे में बताया और कहा कि किसान खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन से अतिरिक्त आय ले सकते हैं। मधुमक्खी विशेषज्ञ एवं कीट विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. योगेश कुमार ने किसानों को सम्बोधित करते हुए मधुमक्खी पालन की उपयोगिता के बारे में अवगत कराया व मधुमक्खी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर मंच संचालन डॉ. भूपेन्द्र सिंह ने किया जबकि डॉ. सुनीता यादव ने कार्यक्रम में आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस मौके पर डॉ. डी. के. शर्मा, डॉ. संदीप भाकर, डॉ. दीपिका कलकल आदि भी मौजूद रहे।

 

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