6 July Van Mahotsav

जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षों की संख्या बढ़ाना जरूरी: कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज

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जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षों की संख्या बढ़ाना जरूरी: कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज

कुलपति ने किया होम सांइस कालेज में वन महोत्सव का शुभारंभ
हिसार : 6 जुलाई
जलवायु परिवर्तन 21वीं सदी की एक बड़ी चुनौती है जिससे निपटने के लिए अन्य उपायों के साथ-साथ वृक्षों की संख्या बढ़ाना अति आवश्यक है। यह बात चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने कही। वे आज विश्वविद्यालय में वन महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे।
कुलपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन में सबसे अधिक योगदान कार्बन डाइआक्साइड गैस का है लेकिन पेड़-पौधे इसे अवशोषित करके इसको जीवनदायिनी ऑक्सीजन गैस में परिवर्तित कर वातावरण को शुद्ध करते हैं। उन्होंने कहा वृक्षों का हमारे जीवन से गहरा संबंध है। ये हमें मूल्यवान प्राणवायु, फल-फूल, औषधियां जैसे जीवन के लिए जरूरी वस्तुएं प्रदान करते हैं लेकिन मनुष्य विकास के नाम पर वनों को समाप्त कर रहा है जिससे हमारे जीवन के लिए जोखिम बढ़ रहा है। इसलिए हर खाली स्थान पर अधिक से अधिक पेड़ लगाने  की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को एक सामाजिक अभियान के तौर पर लिया जाना चाहिए और प्रत्येक नागरिक को इसमें अपना योगदान देना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए। इसके साथ नव रोपित पौधों की पूरी देखरेख की जानी चाहिए ताकि वृक्षारोपण का उद्देश्य पूर्ण हो सके। इस मौके पर उन्होंने इन्दिरा चक्रवर्ती गृह विज्ञान महाविद्यालय परिसर में कचनार का पौधा रोपित करके वन महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान महाविद्यालय व लैंडस्केप इकाई द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। उन्होंने लैंडस्केप इकाई  से विश्वविद्यालय में पहले से लगे वृक्षों की कटाई-छंटाई करके उन्हें और सुंदर बनाने तथा विशेष स्थलों पर विशेष किस्म के पौधे रोपित करने को कहा।
इस मौके पर इन्दिरा चक्रवर्ती गृह विज्ञान महाविद्यालय की डीन डॉ. मंजु महता ने बताया कि पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान कुल 450 पौधे रोपित किए गए जिनमें अधिकारियों के साथ-साथ छात्राओं ने भी पौधारोपण किया व उनकी देखरेख की जिम्मेवारी महाविद्यालय की छात्राओं को सौंपी गई।
लैंडस्केप इकाई के नियंत्रक अधिकारी डॉ. पवन कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय में पौधारोपण का यह कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा जिसके अंतर्गत विशेषकर उन स्थानों पर जहां कम पेड़ हैं वहां बहु-उद्देशीय देशज प्रजातियों के पौधे रोपित किए जाएंगे।
इस अवसर पर उपस्थित कुलसचिव डॉ. एस.के. महता व विशेष कार्य अधिकारी डॉ. अतुल ढींगड़ा सहित विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाताओं, निदेशकों, अधिकारियों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों ने भी पौधे रोपित किए।

 

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