अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘भारतीय महिला की यात्रा’ विषय पर वेबिनार का आयोजन

Read Time:5 Minute, 31 Second

हिसार | गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार की महिला सैल एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर विश्वविद्यालय के चौधरी रणबीर सिंह सभागार में ‘भारतीय महिला की यात्रा’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से हुए इस वेबिनार में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज बतौर मुख्यातिथि उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। खादी ग्राम उद्योग एंड बोर्ड की अध्यक्षा डा. हिना शेफी भट वेबिनार की मुख्य वक्ता थी। वीर चक्र प्राgju women dayप्त कैप्टन भूपेन्द्र भी कार्यक्रम में विशेष रूप से जुड़े। इस अवसर पर कार्यक्रम की समन्वयक एवं महिला सैल की अध्यक्षा प्रो. अलका शर्मा तथा कार्यक्रम संयोजक एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डा. अनिल कुमार उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने अपने सम्बोधन में कहा कि आधुनिक युग में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ कर अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने अनेकों सफल महिलाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, महिलाएं धरती से आकाश तक अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद महिलाओं को बराबरी के अधिकारों के पक्षधर थे। उन्होंने कहा कि विशेषकर खेलों व रक्षा के क्षेत्र में भारतीय महिलाएं अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। कैप्टन भूपेन्द्र ने महिला दिवस की बधाई दी तथा कहा कि राज्य तथा केन्द्र सरकार की महिलाओं के सम्मान में चलाई जा रही योजनाओं के चलते भारत की महिलाएं महिला सशक्तिकरण की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार हो रहा है। कैप्टन भूपेन्द्र ने केन्द्र तथा राज्य सरकार की महिला उपयोगी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि महिलाएं इनका लाभ लें तथा अपने भविष्य का निर्माण करें। मुख्य वक्ता डा. हिना शफी भट ने हमारे इतिहास में उभरी महिला शक्ति के आंकड़ों के बारे में बात की और समाज की बेहतरी के लिए महिलाओं की भूमिका के बारे में बताया। पिछले दशकों में प्रगति के बारे में उन्होंने बताया कि अधिक लड़कियां स्कूल जा रही हैं, कम लड़कियों को कम उम्र में शादी के लिए मजबूर किया जाता है। अधिक महिलाएं नौकरी कर रही हैं, लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने के लिए संसद और नेतृत्व के पदों और कानूनों में सुधार किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह एक ऐसा दिन है जहां महिलाओं को उनके क्षेत्रों में पहचाना और मनाया जाता है। महिलाओं में एक उग्र और मजबूत भावना होती है, जो उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट बनाती है। जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान है। वे अपने परिवार के सदस्यों को योगदान देने के साथ-साथ देश के उत्थान में भी योगदान देती हैं। कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी बताया और आदर्श वाक्य दिया ‘जब महिलाएं बढ़ती हैं, मानवता बढ़ती है’। यह नारा इस सरल लेकिन गहन विचार को रेखांकित करता है कि लैंगिक समानता सतत विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। महिला सशक्तिकरण एक लहर प्रभाव पैदा करता है जो पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित पूरे समुदाय को लाभान्वित करता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अनेक रूपों में जाना जाता है तथा अपने हर रूप के साथ वे न केवल न्याय कर रही है, बल्कि उसे सही साबित भी कर रही हैं। डा. हिमानी शर्मा ने स्वागत सम्बोधन किया और कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Previous post जिंदल विज्ञान केंद्र में ओपन गजल और महफिले हिसार इवेंट के दाैरान प्रस्तुति देते हुए कलाकार
Next post बिग बॉस फेम एक्ट्रेस एली अवराम का सिंगिंग में डेब्‍यू, अविना शाह के साथ ‘कुड़ी मैं मीन’ में मची हलचल
Social Share Buttons and Icons powered by Ultimatelysocial
%d bloggers like this: