इफको नैनो यूरिया, एक बोरी के बराबर 500 मिली की एक बोतल

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भारत के माननीय प्रधानमंत्री ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करते हुए रासायनिक उर्वरकों की खपत को कम करने और फसल उत्पादकता में वृद्धि के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करने की कल्पना की है।
इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए, इफको ने, डॉ यू एस अवस्थी, एमडी, इफको के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रधानमंत्री के आत्म निर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत विश्व की पहली नैनो यूरिया (लिक्विड) पर शोध और विकास किया। इफको नैनो यूरिया (तरल) को इफको के वैज्ञानिकों द्वारा नैनो बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (एनबीआरसी) कलोल, गुजरात में वर्षों के कठोर शोध के बाद विकसित किया गया है।
आई सीए आर -केवीके , अनुसंधान संस्थानों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और भारत के प्रगतिशील किसानों के सहयोग से 11,000 स्थानों पर 94 से अधिक फसलों पर इसका परीक्षण किया गया है। सफल परीक्षणों के आधार पर भारत सरकार द्वारा इफको नैनो यूरिया को एफसीओ, 1985 में शामिल किया गया है।

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नैनो यूरिया की 500 मी.ली. की एक बोतल का प्रयोग पारंपरिक यूरिया के 45 कि.ग्रा. के एक बैग को प्रभावी ढंग से प्रतिस्थापित कर सकता है जिससे परंपरागत यूरिया की आवश्यकता 50% या उससे अधिक कम हो जाती है।
नैनो यूरिया (तरल) नाइट्रोजन का एक अनूठा स्रोत है। अधिकांश भारतीय मिट्टी में उपलब्ध नाइट्रोजन की कमी पाई जाती है। फसल नाइट्रोजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, नैनो यूरिया पारंपरिक यूरिया में 30% की तुलना में 85 से 90% दक्षता प्रदान करता है। वातावरण प्रदूषण की समस्या से मुक्ति (अर्थात मिट्टी, हवा और पानी की गुणवत्ता में सुधार) दिलाता है ।
नैनो यूरिया (तरल) नाइट्रोजन के लक्षित और सटीक अनुप्रयोग के लिए एक नवीन उर्वरक के रूप में उभरा है। इसे आसानी से ले जाया जा सकता है। नैनो यूरिया (तरल) अनुदानमुक्त होने के कारण देश के करोड़ों रुपये की बचत करेगा । एक एकड़ खेत के लिए 500 मी.ली नैनो यूरिया तरल को 125 लीटर पानी में मिलाकर, अंकुरण / रोपाई के 30 से 35 दिन बाद खड़ी फसल में छिड़काव करना अति उपयोगी रहता है ।
इसके अलावा, इफको नैनो यूरिया लिक्विड किसानों की आय में फसल उत्पादकता में 8 से 10% की वृद्धि और इनपुट लागत में कमी के परिणाम स्वरूप भंडारण और अन्य लागत में बचत करता है।यह सभी फसलों के लिए उपयोगी है ।
भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार नैनो-यूरिया का जैव सुरक्षा और विषाक्तता के लिए परीक्षण किया गया है और इसे वनस्पतियों और जीवों के लिए सुरक्षित पाया गया है।
यह किसानों द्वारा इफको किसान सेवा केन्द्रों, इफको ईबाजार केबिक्री केन्द्रों एवं सहकारी समितियों से 240 रुपये प्रति बोतल (500 मी.ली.कीएक बोतल के लिए अधिकतम बिक्री मूल्य) में प्राप्त किया जा सकता है,जो पारंपरिक यूरिया के अधिकतम बिक्री मूल्य से 10% कम है।
इसे इफको ई-कॉमर्स वेबसाइट- www.iffcobazar.in के माध्यम से भी ऑनलाइन ऑर्डर किया जा सकता है

 

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